पुस्तक ‘बौद्ध, जैन तथा चार्वाक: दर्शन और प्रासंगिकता’ का विमोचन
राजकीय महाविद्यालय मीरापुर बांगर, बिजनौर में ‘बौद्ध, जैन तथा चार्वाक: दर्शन और प्रासंगिकता’ पुस्तक का विमोचन किया गया। इस पुस्तक का संपादन डॉ. कपिल कुमार गौतम ने किया है। विमोचन कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. रोबिन राठी और डॉ. दुष्यंत कुमार सहित कई विद्वान उपस्थित रहे।
डॉ. दुष्यंत कुमार ने कहा कि यह पुस्तक बौद्ध, जैन और चार्वाक दर्शनों के दार्शनिक पहलुओं को समकालीन दृष्टिकोण से
प्रस्तुत करती है। डॉ. पंकज कुमारी ने इसे शोध और चिंतन के नए आयाम खोलने वाला
ग्रंथ बताया। डॉ. अशोक कुमार ने पुस्तक की सामग्री को शोधपरक और पठनीय बताते हुए
इसे दर्शन के अध्येताओं के लिए उपयोगी बताया।
डॉ. कपिल कुमार गौतम ने बताया कि इस संपादित
पुस्तक का उद्देश्य भारतीय दार्शनिक परंपराओं को समकालीन संदर्भों में समझने और
विश्लेषण करने का अवसर प्रदान करना है। इसमें विभिन्न विद्वानों द्वारा बौद्ध, जैन और चार्वाक दर्शन की अवधारणाओं पर लेख संकलित किए गए हैं।
इस पुस्तक का प्रकाशन इंडियन पब्लिकेशन्स, भोपाल द्वारा किया गया है और इसे समकालीन हस्तक्षेप त्रैमासिक शोध पत्रिका के
विशेषांक के रूप में प्रकाशित किया गया है। कार्यक्रम में डॉ. सरिता वर्मा,
डॉ. सचिन कुमार, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. दुर्गेश, डॉ. मोनिका, डॉ.
अजीत सिंह सहित अन्य शिक्षाविद् उपस्थित रहे।